‘एक देश, एक राशन कार्ड’ योजना – अब पूरे देश में कहीं से भी प्राप्त करें राशन

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‘एक देश, एक राशन कार्ड’ योजना 2019

सरकार ने ‘एक देश, एक राशन कार्ड’ योजना 2019 का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना और गुजरात और महाराष्ट्र के बीच राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सुविधा का उद्घाटन किया। तेलंगाना में आंध्र प्रदेश के निवासी और तेलंगाना के निवासी आंध्र प्रदेश के किसी भी राशन की दुकान से अनाज ले सकते हैं। इसी तरह का नियम गुजरात और महाराष्ट्र के निवासियों पर भी लागू होगा। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है, तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। यानी आप पूरे देश में कहीं भी राशन कार्ड पर सामान ले जा सकेंगे।

सरकार को उम्मीद है कि इससे न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि नौकरियों या अन्य कारणों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले गरीबों को सब्सिडी वाले राशन से वंचित नहीं किया जाएगा। यह परिवर्तन एक से अधिक राशन कार्ड होने की संभावना को भी समाप्त कर देगा।

Bihar Ration Card List 2019/ BPL/APL/PDF Varification

जून 2020 तक देश भर में लागू करने का लक्ष्य

रामविलास पासवान ने कहा कि इस योजना को 1 जून, 2020 से पूरे देश में लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड देश के 11 राज्यों में आधार से लिंक किए जा चुके हैं। इन राज्यों में राशन का आवंटन प्वाइंट ऑफ सेल के जरिए किया जा रहा है। यह योजना 1 जनवरी, 2020 से इन 11 राज्यों – आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, झारखंड, केरल, राजस्थान और त्रिपुरा में लागू की जाएगी। इस योजना के पूरे देश में लागू होने के बाद, लाभार्थी देश के किसी भी राशन की दुकान से अपने हिस्से का अनाज प्राप्त कर सकेंगे।

Assam Ration Card List 2019 Check Village/Dealer/Family wise

प्रवासी मजदूरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा

यह दावा करते हुए कि प्रवासी मजदूरों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलता है, रामविलास पासवान ने कहा कि उन्हें पूरी खाद्य सुरक्षा मिलेगी। इससे लाभार्थियों को स्वतंत्रता मिलेगी, क्योंकि वे पीडीएस की दुकान से बंधे नहीं होंगे। इससे भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के सभी खाद्य डिपो को ऑनलाइन जोड़ दिया गया है, और राज्य डिपो को भी ऑनलाइन जोड़ने की योजना है। इसे अगले छह महीनों के भीतर पूरा करने की योजना है। उत्तर प्रदेश में भी 99 प्रतिशत राशन कार्ड प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों से जुड़े हैं और बिहार में भी इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है।

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